बिजनौर । नमामि गंगे के अंतर्गत शहरी नदी प्रबंधन योजना को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला में नदियों के स्वरूप और रखरखाव के प्रति जागरूकता पर तकनीकी रूप से प्रशिक्षित किया गया,साथ ही नदियों के स्वरूप को बनाए रखने के लिए सुझावो का आदान प्रदान भी किया गया।

विकास भवन के सभागार में शहरी नदी प्रबंधन योजना पर बिजनौर नगर पालिका परिषद की चेयरमैन श्रीमती इंदिरा सिंह की अध्यक्षता व ईओ विकास कुमार के संचालन में कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला में शहरी प्रबंधन योजना के विशेषज्ञ चंद्रशेखर सिंहा ने भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिले की नदियों के प्रबंधन पर बल दिया,उन्होंने शहरों के जल प्रबंधन के साथ बहु उपयोग पर बल दिया। राष्ट्रीय नगर कार्य संस्थान की पर्यावरण विशेषज्ञ सिमरन प्रीत कौर ने नदियों को स्वच्छ और अविरल रखने की प्रस्तावित योजना पर कार्यशाला में सुझाव मांगे,साथ ही नदियों के संरक्षण के साथ धार्मिक व पर्यटन गतिविधियों के दौरान जागरूकता पर बल दिया।
कार्यशाला में शहरी नदी प्रबंधन योजना से जुड़े जीआईएस विशेषज्ञ बनीब्रता चौधरी ने नदियों के भविष्य को लेकर चिंता जताई। वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ बीरबल सिंह ने पर्यावरण के लिए प्लास्टिक के प्रयोग पर चिंता जताई,साथ ही पेयजल का सही उपयोग किए जाने पर बल दिया। व्यापारी नेता मुनीश त्यागी ने गंगा व मालन नदी किनारे स्थित कण्व आश्रम के विकास और नदियों में जमा सिल्ट को निकलवाने पर बल दिया। पत्रकार ज्योति लाल शर्मा ने नदियों के किनारे धार्मिक अनुष्ठान में प्रयुक्त सामग्री के निस्तारण में धर्मगुरूओं का सहयोग लेने और नगर वन बनाए जाने पर बल दिया।
कार्यशाला में जिला कृषि अधिकारी ने नदियों के किनारे बसे गौव में जैविक खेती के प्रति जागरूकता के लिए हर संभव सहयोग का भरोसा दिया।कार्यशाला में सुश्री संध्या रस्तोगी,पीपी फाउंडेशन के विक्रांत शर्मा,सुधीर अग्रवाल, सफाई निरीक्षक गोविंद चौधरी, अवर अभियंता गौरव शर्मा, प्रबंधक स्वच्छ भारत मिशन हरीश गंगवार ,जिला उद्योग केंद्र प्रबंधक अमित कुमार भी शामिल रहे। कार्यशाला में पालिका चेयरमैन श्रीमती इंदिरा सिंह व ईओ विकास कुमार ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य जल के प्रति संवेदनशील बनाने , शहर भर में जल और स्वच्छता प्रबंधन के लिए नीति सिद्धांत, नवीन तकनीक और कार्यान्वयन रणनीतियां स्थापित करना है, जो जल और अपशिष्ट-विवेकपूर्ण समाज की नींव रखेंगे।








