पासवान 25-28, जीतन राम मांझी 6-7, और उपेंद्र कुशवाहा मांग रहे 4-5 सीटें
लोजपा (रामविलास) और हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा को दबाव में लेने के लिए नीतीश ने चला दांव
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) में 122 सीटों की मांग की है। यह मांग 2020 के चुनाव की तरह ही है, जब जदयू को 122 सीटें मिली थीं, जिनमें से 7 सीटें हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) को दी गई थीं। जदयू की यह रणनीति मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में “बड़े भाई” की भूमिका बनाए रखने और चुनावी नतीजों में मजबूत स्थिति सुनिश्चित करने की है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ सीट बंटवारे को लेकर तनाव है, क्योंकि बीजेपी बराबर सीटों (लगभग 100-100) पर चुनाव लड़ना चाहती है।
जदयू की 122 सीटों की मांग से बीजेपी के लिए अपने सहयोगियों, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हम, और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को समायोजित करना मुश्किल हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, चिराग पासवान 25-28, जीतन राम मांझी 6-7, और उपेंद्र कुशवाहा 4-5 सीटें मांग रहे हैं। अगर जदयू की मांग मानी गई, तो बीजेपी के पास 50-60 सीटें ही बचेंगी, जो गठबंधन में तनाव पैदा कर सकता है। हालांकि, एनडीए के नेता दावा करते हैं कि सीट बंटवारा सौहार्दपूर्ण होगा। जदयू की कोर कमेटी ने 100-110 सीटों पर भी विचार किया है, लेकिन अंतिम फैसला नीतीश कुमार की मौजूदगी में होगा।








