लखनऊ। जासूस मोहम्मद तुफैल तुफैल कथित तौर पर ‘गजवा-ए-हिंद’ के विचार को बढ़ावा देता था। जानकारी मिल रही है कि जिसे वह व्हाट्सएप ग्रुपों में साझा करता था। उस पर आरोप है कि उसने बाबरी मस्जिद के विध्वंस का बदला लेने और भारत में शरिया कानून लागू करने जैसे उत्तेजक संदेश फैलाए। ATS की जांच में पता चला कि वह 600 से अधिक पाकिस्तानी नंबरों के संपर्क में था और राजघाट, नमो घाट, ज्ञानवापी, रेलवे स्टेशन, जामा मस्जिद, लाल किला और निजामुद्दीन औलिया जैसे महत्वपूर्ण स्थानों की तस्वीरें और जानकारी साझा करता था।
दरअसल उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गिरफ्तार ISI जासूस तुफैल के बारे में पड़ोसियों और स्थानीय लोगों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। तुफैल, जो जायटपुरा थाना क्षेत्र के दोशीपुरा में रहता था। तुफैल को यूपी ATS ने 22 मई को पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पड़ोसियों के अनुसार, तुफैल का व्यवहार संदिग्ध था और वह अक्सर अकेले रहना पसंद करता था। कुछ ने बताया कि वह रात में फोन पर लंबी बातचीत करता था, जिसे वे अब पाकिस्तानी संपर्कों से जोड़कर देखते हैं।
पड़ोसियों ने यह भी खुलासा किया कि तुफैल का व्यवहार सामान्य नहीं था। वह स्थानीय लोगों से ज्यादा मेलजोल नहीं रखता था और अक्सर अपने मोबाइल फोन पर व्यस्त रहता था। कुछ का कहना है कि वह धार्मिक उग्रवाद से प्रेरित लगता था और मौलाना साद रिजवी, पाकिस्तान के प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-लब्बैक के नेता, के वीडियो साझा करता था।
ATS ने तुफैल को आदमपुर, वाराणसी से गिरफ्तार किया और उसके पास से एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया। उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 148 और 152 के तहत लखनऊ के ATS थाने में FIR दर्ज की गई है। जांच में यह भी सामने आया कि वह पाकिस्तान के फैसलाबाद की एक महिला नफीसा के संपर्क में था, जिसका पति पाकिस्तानी सेना में है। पड़ोसियों का कहना है कि तुफैल की गतिविधियों ने उन्हें हैरान किया है, क्योंकि वह बाहर से साधारण कबाड़ी का काम करने वाला व्यक्ति लगता था। अब ATS उसकी गतिविधियों और नेटवर्क की पूरी जांच कर रही है।








