सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए ही संविधान नहीं, सत्ता है प्राथमिकता !

चरण सिंह 

इस समय विपक्ष संविधान का बहुत राग अलाप रहा है। सपा का तो भगवान पीडीए ही हो गया है। रोजगार नहीं जातीय जनगणना विपक्ष की प्राथमिकता हो गई है। दिलचस्प बात तो यह है कि विपक्ष सत्ता पक्ष पर तो संविधान को न मानने का आरोप लगा रहा है पर खुद नहीं देख रहा है कि वह संविधान को कितना मान रहा है। इसमें दो राय नहीं कि सत्ता पक्ष की जो गतिविधियां हैं वे संविधान को न मानने वाली हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बंटेंगे तो कटेंगे नारे की लोकतंत्र में कोई गुंजाइश नहीं है पर क्या विपक्ष के क्रियाकलाप संविधान को मानने वाले हैं। संविधान में कहां लिखा हुआ है कि राजनीति में परिवारवाद और वंशवाद को बढ़ावा मिले। संविधान में कहां लिखा है कि कुछ जाति विशेष को ही आप देश मान लें। पार्टी को प्राइवेट कम्पनी बना दें। संविधान में कहां लिखा है कि कार्यकर्ताओं को गुलाम बनाकर रखें। जो कार्यकर्ता पार्टी में लोकतंत्र की बात करे उसे पार्टी से बाहर कर दें। विपक्ष की जितनी भी पार्टी हैं, उनमें कौन सी पार्टी है, जिसमें लोकतंत्र है। जिसमें कार्यकर्ताओं की बात सुनी जाती है। कौन सी पार्टी में लोकतांत्रिक तरीके से अध्यक्ष का चुनाव होता है। ऐसा भी भी नहीं ही कि बीजेपी में भी कोई लोकतांत्रिक तरीके से अध्यक्ष चुना जा रहा हो।संविधान को तो बस जनता ही मान रही है। नेता तो किसी भी पार्टी का हो वह संविधान को कुछ समझने को तैयार नहीं। जब एक जज यह बोल सकता है कि देश बहुसंख्यक समाज की भावनाओं से चलेगा। तो फिर समझ लीजिये कि देश कहां जा रहा है। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ही सत्ता के लिए कुछ भी करने को तैयार है। बीजेपी को किसी भी तरह से हिन्दू वोटबैंक को एकजुट कर सत्ता हथियाए रखनी है तो विपक्ष को किसी तरह से सरकार के खिलाफ जनता को खड़ा कर सत्ता हासिल करना।विपक्ष को यदि कुछ नहीं करना है तो वह है जनहित में संघर्ष करना। विपक्ष की राजनीति बयानबाजी तक सिमट रह गई है। x हैंडिल और सोशल मीडिया पर भी कोई और ही लिखता है। राहुल गांधी तो किसी घटना स्थल पर चले जाते भी हैं पर अखिलेश यादव तो अपना प्रतिनिधिमंडल को घटनास्थल पर भेजते हैं। दरअसल देश में वंशवाद पर टिके विपक्ष में संघर्ष का घोर अभाव है।  दरअसल प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी ने संविधान को लेकर सत्ता पक्ष पर हमला बोला। राहुल गांधी ने कहा, संविधान में अम्बेडकर, गांधी नेहरू के विचार हैं। उन विचारों का श्रोत शिव, बुद्ध, महावीर, कबीर आदि थे। उन्होंने कहा, संविधान को लेकर सावरकर ने कहा था कि संविधान के बारे में सबसे बुरी बात यह है कि इसमें कुछ भी भारतीय नहीं है. इसकी जगह मनुस्मृति को लागू करना चाहिए। जब आप संविधान को बचाने की बात करते हैं तो आप अपने नेता सावरकर का मजाक बना रहे हैं। बीजेपी पर उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है जैसा एकलव्य के साथ द्रोणाचार्य ने किया था।

  • Related Posts

    “सब सामान्य है” : सत्ता का नया शास्त्र
    • TN15TN15
    • March 14, 2026

    भारतीय राजनीति में एक नया शास्त्र लिखा जा…

    Continue reading
    हकीकत की ठोकरें हमें हमारे ख्वाबों की असली कीमत समझाने…
    • TN15TN15
    • March 13, 2026

    जरूरी यह नहीं है कि हम हर ख्वाब…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    सोनम वांगचुक की रिहाई पर सपा चीफ अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया, कहा- ‘न सिर्फ जनता को धोखा…’

    • By TN15
    • March 14, 2026
    सोनम वांगचुक की रिहाई पर सपा चीफ अखिलेश यादव की प्रतिक्रिया, कहा- ‘न सिर्फ जनता को धोखा…’

    तिब्बत की आजादी और भारत की सुरक्षा के संकल्प के साथ दो दिवसीय तिब्बत समर्थन समूह सम्मेलन सम्पन्न

    • By TN15
    • March 14, 2026
    तिब्बत की आजादी और भारत की सुरक्षा के संकल्प के साथ दो दिवसीय तिब्बत समर्थन समूह सम्मेलन सम्पन्न

    थलपति विजय के बेटे जेसन संजय ने मां को किया खुलकर सपोर्ट

    • By TN15
    • March 14, 2026
    थलपति विजय के बेटे जेसन संजय ने मां को किया खुलकर सपोर्ट

    भारत के सामने भीख मांग रहा अमेरिका, जंग के बीच जानें ऐसा क्यों बोले ईरान के विदेश मंत्री अराघची

    • By TN15
    • March 14, 2026
    भारत के सामने भीख मांग रहा अमेरिका, जंग के बीच जानें ऐसा क्यों बोले ईरान के विदेश मंत्री अराघची

    …तो DM-SP को दे देना चाहिए इस्तीफा’, संभल मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने वाले आदेश पर HC नाराज

    • By TN15
    • March 14, 2026
    …तो DM-SP को दे देना चाहिए इस्तीफा’, संभल मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने वाले आदेश पर HC नाराज

    सोनम वांगचुक जेल से होंगे रिहा, लद्दाख हिंसा पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला

    • By TN15
    • March 14, 2026
    सोनम वांगचुक जेल से होंगे रिहा, लद्दाख हिंसा पर मोदी सरकार का बड़ा फैसला