पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को मिली हत्या की धमकी, लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया

पटना: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को हाल ही में हत्या की धमकी मिलने से बिहार में पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। यह धमकी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्य द्वारा दी गई है, जिसका नाम अज्जू लॉरेंस बताया जा रहा है। धमकी के बाद पप्पू यादव ने बिहार पुलिस के डीजीपी को इस मामले की सूचना दी है और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।

सूत्रों के अनुसार, पप्पू यादव को यह धमकी एक वाट्सएप कॉल के माध्यम से मिली। कॉल करने वाले ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए पप्पू यादव को सीधे तौर पर चेतावनी दी। धमकी देने वाले ने स्पष्ट रूप से कहा, “रेस्ट इन पीस कर देंगे,” जिससे उनकी मंशा की गंभीरता साफ होती है। इस कॉल के दौरान, अज्जू लॉरेंस ने पप्पू यादव को उनके राजनीतिक बयानों को लेकर भद्दे शब्दों में जवाब दिया और उन्हें अपनी स्थिति में रहने की सलाह दी।

पप्पू यादव ने इस धमकी को गंभीरता से लेते हुए कहा, “लॉरेंस का नाम लेकर मुझे धमकी दी गई है। मैं लगातार मिल रही धमकियों से आहत हूं और इससे मुझे डर लग रहा है। मेरी सुरक्षा को लेकर सरकार को गंभीर होना चाहिए। मैंने इस मामले की शिकायत बिहार के डीजीपी और आईजी से की है और गृह मंत्री अमित शाह से भी इस मामले में बात की है।”

उन्होंने यह भी कहा कि “मेरे साथ किसी भी प्रकार की अनहोनी घटना हो सकती है, इसलिए मेरी सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।”

सिर्फ लॉरेंस बिश्नोई गैंग ही नहीं, बल्कि झारखंड जेल में बंद एक गैंगस्टर से भी पप्पू यादव को धमकी मिली है। मयंक सिंह नामक एक व्यक्ति ने 26 अक्टूबर को फेसबुक पर लिखा कि पप्पू यादव ने लॉरेंस बिश्नोई के बारे में उल्टा बयान दिया है। मयंक ने कहा, “पप्पू यादव को स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि वह अपनी औकात में रहकर राजनीति करें। अगर वह अपनी हरकतें नहीं बदलते, तो हम उन्हें ‘रेस्ट इन पीस’ कर देंगे।”

इस धमकी ने पप्पू यादव को एक बार फिर असुरक्षा के माहौल में डाल दिया है, जो कि एक सांसद के लिए चिंताजनक स्थिति है।

धमकी मिलने के बाद पप्पू यादव ने पुलिस को पूरी जानकारी दी है, जिसमें कॉल करने वाले का नंबर और अन्य जानकारियाँ शामिल हैं। बिहार पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और जांच शुरू कर दी है। डीजीपी ने भी मामले की सुनवाई के बाद कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस प्रकार की धमकियाँ अस्वीकार्य हैं और हम इस पर सख्त कार्रवाई करेंगे।

इस घटना के बाद कई राजनीतिक दलों और नेताओं ने पप्पू यादव के समर्थन में आवाज उठाई है। नेताओं ने इस घटना को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए कहा कि राजनीतिक असहमति के चलते किसी को भी धमकी देना गलत है। साथ ही, उन्होंने सरकार से मांग की है कि वे ऐसे मामलों में सख्ती से निपटें और सभी राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

यह घटना न केवल पप्पू यादव की व्यक्तिगत सुरक्षा को लेकर सवाल खड़ा करती है, बल्कि बिहार में राजनीतिक अस्थिरता के माहौल को भी दर्शाती है। इस मामले की गहराई से जांच आवश्यक है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। पप्पू यादव के लिए यह समय संवेदनशील है, और उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करना राज्य की जिम्मेदारी बनती है।

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