बिहार का फर्जी IPS अब बन गया ‘हीरो’, यूट्यूब पर रिलीज हुआ फिल्म का ट्रेलर

पटना :- बिहार के मिथिलेश मांझी, जिन्होंने आईपीएस की वर्दी पहनकर फर्जीवाड़ा किया था, एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। अब वह एक नई पहचान के साथ सामने आए हैं। मिथिलेश मांझी ने अपनी कहानी को फिल्मों के जरिये लोगों के सामने रखने का निर्णय लिया है।

मिथिलेश मांझी की फर्जीवाड़े की कहानी

मिथिलेश मांझी का नाम पहली बार तब चर्चा में आया था जब उन्होंने आईपीएस अधिकारी की वर्दी पहनकर लोगों को धोखा दिया। उन्होंने न केवल वर्दी पहनी बल्कि फर्जी दस्तावेज़ और पहचान पत्र भी बनाए। उनकी इस हरकत से कई लोग प्रभावित हुए और उन्हें एक असली अधिकारी मानने लगे। मिथिलेश ने इस फर्जी पहचान का उपयोग कर कई सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाया और आम जनता को भ्रमित किया।

फर्जीवाड़े की पोल खुलना

मिथिलेश मांझी की फर्जीवाड़े की पोल तब खुली जब एक वरिष्ठ अधिकारी ने उनकी पहचान पर शक जताया। इसके बाद की जांच में पता चला कि मिथिलेश मांझी असली आईपीएस अधिकारी नहीं हैं। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। मिथिलेश का यह कृत्य न केवल बिहार बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया।

मिथिलेश मांझी की नई पहल

अब मिथिलेश मांझी ने अपनी इस कहानी को एक फिल्म के माध्यम से पेश करने का निर्णय लिया है। उनकी नई फिल्म ‘फर्जी आईपीएस’ का ट्रेलर यूट्यूब पर रिलीज हो चुका है। इस ट्रेलर में उनकी फर्जीवाड़े की कहानी को दिखाया गया है और कैसे वह कानून की नजरों में आए, यह भी बताया गया है।

फिल्म ‘फर्जी आईपीएस’ का ट्रेलर यूट्यूब पर रिलीज

मिथिलेश मांझी अब हीरो बनने की राह पर निकल पड़े हैं। उनकी नई फिल्म ‘फर्जी आईपीएस’ का ट्रेलर यूट्यूब पर रिलीज हो चुका है। यह ट्रेलर लोगों के बीच काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। ट्रेलर में मिथिलेश की फर्जीवाड़े की कहानी को दिखाया गया है और कैसे वह कानून की नजरों में आए, यह भी बताया गया है।

फिल्म की रिलीज डेट और अन्य जानकारी

फिल्म ‘फर्जी आईपीएस’ 4 नवंबर को यूट्यूब पर ही रिलीज होगी। इससे पहले मिथिलेश मांझी का एक गाना भी यूट्यूब पर रिलीज हो चुका है, जिसने काफी लोकप्रियता हासिल की थी। मिथिलेश मांझी की इस नई पहल ने लोगों के बीच उनकी चर्चा और बढ़ा दी है।

मिथिलेश मांझी की यात्रा

मिथिलेश मांझी ने फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर काफी समय तक लोगों को धोखा दिया था। उनकी इस हरकत की पोल खुलने के बाद उन्हें कानून का सामना करना पड़ा। अब वह अपने जीवन की इस कहानी को एक नई दिशा में ले जा रहे हैं और फिल्म के माध्यम से अपनी कहानी को सबके सामने प्रस्तुत कर रहे हैं।

फिल्म ‘फर्जी आईपीएस’ की संभावनाएं

फिल्म ‘फर्जी आईपीएस’ की कहानी वास्तविक घटनाओं पर आधारित होने के कारण लोगों में इसके प्रति विशेष रुचि देखी जा रही है। मिथिलेश मांझी की इस फिल्म के माध्यम से उनकी यात्रा और उनके फर्जीवाड़े की कहानी को जानने का मौका मिलेगा। फिल्म की सफलता के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन ट्रेलर की चर्चा और मिथिलेश की कहानी की वजह से यह फिल्म लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो सकती है।

इस प्रकार मिथिलेश मांझी, जिन्होंने एक समय में फर्जीवाड़े से सुर्खियां बटोरी थीं, अब एक नई पहचान के साथ सामने आ रहे हैं। उनकी कहानी और उनकी फिल्म ‘फर्जी आईपीएस’ के प्रति लोगों की उत्सुकता यह दर्शाती है कि सच और झूठ के बीच की यह दास्तान लोगों को काफी प्रभावित कर रही है।

  • Related Posts

    बिहार: क्षेत्रीय भाषा पर जोर, दिवाली के पहले आएगा पैसा, शिक्षा विभाग का फैसला

    बिहार के सरकारी स्कूल के बच्चों को क्षेत्रीय…

    Continue reading
    BJP विधायक विनय बिहारी धरना पर बैठे, बोले- ‘जब तक सम्राट चौधरी…’  

    लौरिया विधानसभा से बीजेपी के विधायक विनय बिहारी…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए’, CJP प्रोटेस्ट से पहले SC की टिप्पणी

    ‘मक्खी मारने के लिए हथौड़े का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए’, CJP प्रोटेस्ट से पहले SC की टिप्पणी

    ट्रेनें रद्द होने पर चिराग पासवान बोले, ‘युवाओं को कोई नहीं रोक सकता प्रभु’

    ट्रेनें रद्द होने पर चिराग पासवान बोले, ‘युवाओं को कोई नहीं रोक सकता प्रभु’

    सैकड़ों वेंडर्स के प्रदर्शन के बाद सेक्टर-142 थाना पुलिस से समझौता, 20-22 साल पुराने शाहदरा साप्ताहिक मंगल बाजार को लगाने की मिली सशर्त अनुमति

    सैकड़ों वेंडर्स के प्रदर्शन के बाद सेक्टर-142 थाना पुलिस से समझौता, 20-22 साल पुराने शाहदरा साप्ताहिक मंगल बाजार को लगाने की मिली सशर्त अनुमति

    किसान संघर्ष मोर्चा के नेताओं के घरों पर पुलिस तैनात, संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप

    किसान संघर्ष मोर्चा के नेताओं के घरों पर पुलिस तैनात, संवैधानिक अधिकारों के उल्लंघन का आरोप

    A Major Victory for the Kisan Sabha’s Struggle : ग्रेटर नोएडा में किसान कोटा के प्लॉटों की ऊंचाई 11 मीटर से बढ़ाकर 15 मीटर करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी

    A Major Victory for the Kisan Sabha’s Struggle : ग्रेटर नोएडा में किसान कोटा के प्लॉटों की ऊंचाई 11 मीटर से बढ़ाकर 15 मीटर करने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी

    सीजेपी आंदोलन पर सख्ती कर अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मार रही सरकार!

    सीजेपी आंदोलन पर सख्ती कर अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मार रही सरकार!