एक बार फिर तेजी से फैल रहा कोरोना ! जानिए इस बार कितना खतरा

राजधानी दिल्ली समेत उत्तर भारत के कुछ राज्यों में कोरोना वायरस एक बार फिर से पैर पसारता दिख रहा है। कोरोना के बढ़ते मामलों ने लोगों की टेंशन बढ़ा दी है। दिल्ली में बुधवार को कोविड-19 के कुल 63 नए मामले दर्ज किए गए। दिल्ली में पिछले साल मई के बाद ऐसा पहली बार है, जब राजधानी में इतने ज्यादा कोविड केस सामने आए हैं। वहीं राजस्थान में भी कोविड के मामले बढ़ रहे हैं। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को भी कोविड हो गया है। एक्सपर्ट्स को इस बात की चिंता जता रही है कि इस बार उत्तर भारत के राज्यों में कोविड केस बढ़ रहे हैं, जबकि दक्षिण के राज्यों में मामले कम हुए हैं।

15 दिनों में ढाई गुना बढ़े केस

जानकारी के अनुसार, पिछले 15 दिनों में राजधानी में कोविड-19 के कुल 459 मामले सामने आए हैं। गौर करने की बात यह है कि इससे पिछले 15 दिनों में केस 191 और उससे पहले महज 73 थे। यानी दिल्ली में पिछले करीब डेढ़ महीने से लगातार तेजी से कोरोना मामलों में इजाफा देखा जा रहा है। दिल्ली के अलावा राजस्थान में कोविड टेंशन बढ़ा रहा है। राजस्थान में पिछले 15 दिनों में 226 मामले दर्ज किए गए। जबकि इससे पहले 15 दिनों में 96 और इससे पहले ये आंकड़ा महज 27 था।

इस बार उत्तर भारत में देखी जा रही बढ़ोतरी

दिल्ली और राजस्थान के अलावा अन्य राज्यों में भी केस बढ़े हैं। यूपी में 20 जनवरी से 4 फरवरी के बीच महज 12 कोविड मामले दर्ज किए गए थे। लेकिन इसके बाद के 15 दिनों में कोविड केस बढ़कर तीन गुने हो गए। 4 फरवरी से 19 फरवरी के बीच यह आंकड़ा बढ़कर 36 हो गया। वहीं पिछले 15 दिनों यानी 19 फरवरी से 5 मार्च के बीच ये मामले बढ़कर 164 हो गए। यही हाल बिहार का भी है। बिहार में पिछले 15 दिनों की तुलना में इस बार कोरोना केस 14 से बढ़कर 103 हो गए।

क्या कह रहे एक्सपर्ट?

दिल्ली, राजस्थान समेत उत्तर भारत के राज्यों में बढ़ते कोरोना मामलों को लेकर एक्सपर्ट्स भी चिंता जता रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि देश में कोविड मामलों की संख्या ज्यादा हो सकती है, लेकिन कम टेस्टिंग की वजह से ज्यादा मामले सामने नहीं आ पा रहे हैं। फिलहाल कोविड की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन अगर टेस्टिंग बढ़ती है, तो बड़ा संकट हो सकता है।

पिछले साल क्या था हाल?

राजधानी दिल्ली में कोविड के इतने केस एक साल बाद सामने आए हैं। पिछले साल मई में ऐसी स्थिति थी, जब रोजाना 50 से ज्यादा कोविड मामले दर्ज किए जा रहे थे। इस साल दिसंबर और जनवरी में भी कोरोना मामले बढ़े, लेकिन रोजाना आने वाले केस 50 से कम ही थे। लेकिन इस साल ये आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। पिछले सालों में ये देखा गया कि दक्षिण भारत के राज्यों में ज्यादा कोविड केस बढ़ते रहे हैं, लेकिन इस बार उत्तर भारत में मामलों में इजाफा देखने को मिल रहा है, जबकि दक्षिण में केस कम हुए हैं।

 

लेखन: शिवानी मांगवानी

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