कौन लेगा इजराइल में नौकरी करने भेजे जा रहे युवाओं की जान की जिम्मेदारी ?

आतंकी हमले में एक भारतीय की मौत के बाद भारतीय दूतावास ने भारतीयों के इजरायल बॉर्डर छोड़ने और सुरक्षित स्थानों पर चले जाने की जारी की एडवाइजरी, प्रश्न उठता है कि क्या इस तरह के हालात इजरायल में फिर से पैदा नहीं होंगे ? यदि इजरायल के हालात ख़राब हैं तो फिर भारतीय युवाओं को वहां नौकरी करने क्यों भेजा जा रहा है ? क्या देश में रोजगार नहीं दिया जा सकता है ?

चरण सिंह 
इजरायल में भारतीय दूतावास ने भारतीयों को तत्काल रूप से इजरायल  छोड़ने और सुरक्षित स्थान खोजने की एडवाइजरी जारी की है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि क्या इस तरह के हालात इजरायल में फिर से पैदा नहीं होंगे ? यदि इजरायल के हालात ख़राब हैं तो फिर भारतीय युवाओं को वहां नौकरी करने क्यों भेजा जा रहा है ? इन युवाओं की जान की जिम्मेदारी कौन लेगा ? क्या देश में बेरोजगारी इतनी चरम पर है कि सरकार को अपने देश के होनहारों की जान खतरे में डालनी पड़ रही है। मतलब देश की गरीबी और बेबसी का फायदा उठाया जा रहा है।
इजरायल में रहने वाले भारतीय लोग बॉर्डर को छोड़कर आखिरकार जाएंगे कहां ? उनके लिए आखिरकार सुरक्षित स्थान क्या होगा ? क्या केंद्र सरकार को इजरायल के हालात पता नहीं है ? देश के युवाओं को मोटी सेलरी का लालच क्यों दिया जा रहा है ? सरकार युवाओं को देश में रोजगार क्यों नहीं दे रही है ?  क्या इजरायल में जान खतरे में नहीं है ? क्या इजरायल में नौकरी करने जाने वाले युवा सुरक्षित हैं ? जो सरकार राष्ट्रवाद को सर्वोपरि मानती है वह देश के हुनर को विदेश में क्यों भेजने में लगी है ? वह भी तब जब वहां पर युद्ध चल रहा है, लोग जान हथेली पर रखकर रह रहे हैं। सरकार भी नागरिकों को नहीं बचा पा रही है। क्या आतंकी संगठन नौकरी करने जाने वाले भारतीयों को अपना निशाना नहीं बना सकते हैं ?
दरअसल इजरायल की उत्तरी सीमा पर स्थित मार्गलिर्याट के पास लेबनान के हिजबुल्ला आतंकवादियों की ओर से एंटी टैंक मिसाइल अटैक में एक भारतीय की जान चली गई है।
इजरायल के मार्गलियॉट के पास हुए एंटी टैंक मिसाइल अटैक के बाद भारतीय टूतावास ने मंलगवार को एडवाइजरी जारी की है कि भारतीय इजरायली बोर्डर छोड़ दें और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
इजरायल में स्थित भारतीय दूतावास ने एडवाइजरी में लिखा कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति को देखते हुए इजरायल में सभी भारतीय नागरिकों विशेष रूप से उत्तर और दक्षिण में बॉर्डर के एरिया में काम करने करने या आने वाले लोगों को देश के भीतर सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित होने की सलाह दी जाती है।

 

भारतीय दूतावास ने क्या कहा?

दूतावास ने आगे कहा कि हम भारतीयों की सुरक्षा को लेकर इजरायल के अधिकारियों के संपर्क में हैं। आप इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर 97235226748 पर फोन और consl.telaviv@mea.gov.in पर किसी भी समय ईमेल कर सकते हैं।
जानकारी के अनुसार 16 जनवरी को भारतीय राज्यों में निर्माण श्रमिकों को काम पर रखने के उद्देश्य से भर्ती अभियान के लिए 15 सदस्यीय इजरायली टीम के आगमन की सूचना दी गई थी।  हरियाणा में यह भर्ती अभियान 16 से 20 जनवरी तक आयोजित किया गया था, जहां 1370 उम्मीदवारों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 530 का चयन किया गया। उत्तर प्रदेश में 7182 में से कुल 5087 का चयन किया गया। जानकारी के अनुसार 5,000 उम्मीदवार इजरायल में पांच साल तक काम करते हैं, तो भारत को 5,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। क्या इन लोगों की जान इजरायल में सुरक्षित है ? क्यों है इजराइल में डिमांड
 दिलचस्प बात यह है कि केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत को कुशल श्रमशक्ति (मैनपावर) के लिए वैश्विक केंद्र बनाने के लिए प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण पर काम जारी है। मतलब देश के युवाओं को नौकरी करने के लिए इजरायल पीएम मोदी भेज रहे हैं। इजरायल से संबंध निभाने के चक्कर में देश के युवाओं की जान खतरे में डाली जा रहे है। जिस भारतीय की जान इजरायल में गई है। इस मौत का जिम्मेदार कौन है ?
युद्ध के समय युवाओं को इजरायल भेजा जा रहा है और कहा जा रहा है। यह विकसित भारत के निर्माण की दिशा में समग्र दृष्टिकोण का हिस्सा है। सिर्फ इजराइल ही नहीं, भारत भी कई अन्य देशों को कुशल संसाधन उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। दरअसल देश में कहा जा रहा है कि इजरायल-हमास जंग के बाद इजरायल में बड़ी संख्या में फिलिस्तीनियों के वर्क परमिट रद्द कर दिए गए हैं और इजराइल का निर्माण उद्योग खाली पदों को भरने के लिए भारत और अन्य देशों से श्रमिकों की तलाश कर रहा है।

 

  • Related Posts

    एक घंटे में कितना तेल पीता है ‘शिवालिक जहाज’, जो LPG लेकर आज पहुंचेगा भारत?
    • TN15TN15
    • March 16, 2026

    खाड़ी क्षेत्र में ईरान, इजरायल और संयुक्त राज्य…

    Continue reading
    ईरान वॉर ने खोल दी दुनिया की सबसे बड़ी कमजोरी! UN का बड़ा अलर्ट  
    • TN15TN15
    • March 16, 2026

    मिडिल ईस्ट में चल रही ईरान वॉर ने…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    प्राधिकरण द्वारा लगातार हरियाली का दायरा घटाने पर किसान सभा ने दर्ज कराया विरोध

    • By TN15
    • March 16, 2026
    प्राधिकरण द्वारा लगातार हरियाली का दायरा घटाने पर किसान सभा ने दर्ज कराया विरोध

    केरल चुनाव के लिए BJP ने जारी की पहली लिस्ट, राजीव चंद्रशेखर और वी मुरलीधरन को इस सीट से उतारा

    • By TN15
    • March 16, 2026
    केरल चुनाव के लिए BJP ने जारी की पहली लिस्ट, राजीव चंद्रशेखर और वी मुरलीधरन को इस सीट से उतारा

    एक घंटे में कितना तेल पीता है ‘शिवालिक जहाज’, जो LPG लेकर आज पहुंचेगा भारत?

    • By TN15
    • March 16, 2026
    एक घंटे में कितना तेल पीता है ‘शिवालिक जहाज’, जो LPG लेकर आज पहुंचेगा भारत?

    भारतीय किसान यूनियन भानु ने घरेलू गैस सिलेंडर की समस्या को लेकर नोएडा सिटी मजिस्ट्रेट को दिया ज्ञापन 

    • By TN15
    • March 16, 2026
    भारतीय किसान यूनियन भानु ने घरेलू गैस सिलेंडर की समस्या को लेकर नोएडा सिटी मजिस्ट्रेट को दिया ज्ञापन 

    कच्चा तेल पर्याप्त मात्रा में, कई राज्यों में कमर्शियल LPG की सप्लाई शुरू

    • By TN15
    • March 16, 2026
    कच्चा तेल पर्याप्त मात्रा में, कई राज्यों में कमर्शियल LPG की सप्लाई शुरू

    सोनम वांगचुक जोधपुर की जेल से रिहा, सुप्रीम कोर्ट में बुरी तरह से घिरी हुई है केंद्र सरकार

    • By TN15
    • March 16, 2026
    सोनम वांगचुक जोधपुर की जेल से रिहा, सुप्रीम कोर्ट में बुरी तरह से घिरी हुई है केंद्र सरकार