चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा अनावरण पर होगा बड़ा खेल ?  

क्या एनडीए में शामिल होंगे जयंत चौधरी ? क्या जाटों को साधने के लिए बनाई गई है चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा ? क्या चरण सिंह की प्रतिमा का अनावरण कर जाटों का दिल जीत लेंगे योगी आदित्यनाथ ? क्या राकेश टिकैत के कद को कम करने के लिए की जा रही है प्रतिमा पॉलिटिक्स ? क्या चौधरी चरण के नाम को भुनाने की तैयारी में है बीजेपी ? क्या पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 2014 का चुनाव परिणाम दोहरा पाएगी बीजेपी ?

लोकसभा चुनाव की तैयारी में युद्ध स्तर पर लगी बीजेपी ने उत्तर प्रदेश पर पूरी तरह से फोकस कर लिया है। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पुराने रिकार्ड तोड़ने की तैयारी चल रही है। पूर्वांचल को साधने के बाद बीजेपी ने अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर ध्यान लगाया है। जहां गत दिनों गृहमंत्री अमित शाह ने नोएडा में मीटिंग ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मथुरा में एक कार्यक्रम में पहुंचकर अयोध्या और काशी की तर्ज पर श्री कृष्ण जन्म स्थान के विकास कही। ऐसे ही पूर्व प्रधानमंत्री चरण सिंह की जयंती पर मुरादाबाद के बिलारी में उनकी 51 फ़ीट  ऊंची प्रतिमा का अनावरण के नाम पर किसानों और जाटों को साधने की तैयारी है। चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने खुद योगी आदित्यनाथ आ रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि प्रतिमा के अनावरण समारोह में रालोद अध्यक्ष जयंती चौधरी को भी आमंत्रित किया गया है। मतलब चौधरी जयंती किसान दिवस पर योगी आदित्यनाथ और जयंत चौधरी एक मंच पर होंगे।
बीजेपी की रणनीति है कि चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के माध्यम से जाटों को साधा जाये। योगी आदित्यनाथ और जयंत चौधरी के एक मंच पर आने को राजनीतिक पंडित जयंत चौधरी को एनडीए में जाने के रूप में देख रहे हैं। वैसे भी जब इंडिया गठबंधन की पहली मीटिंग पटना में हुई थी तो जयंत चौधरी ने जाने में असमर्थता जताई थी। तब भी यह बात निकलकर सामने आई थी कि जयंत चौधरी बीजेपी से मिलने जा रहे हैं। चर्चा यह है कि बीजेपी जयंत चौधरी को केंद्र में मंत्री पद का आश्वासन देकर एनडीए में शामिल कर सकती है।

दरअसल जयंत चौधरी समाजवादी पार्टी के सहयोग से राज्यसभा पहुंचे हैं। वह बात दूसरी है कि कई बार अखिलेश यादव और जयंत चौधरी के संबंधों में तल्खी देखी गई है। चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के अनावरण समारोह में योगी आदित्यनाथ चौधरी चरण सिंह के नाम पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को कोई बड़ा तोहफा दे सकते हैं।

दरअसल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसी भी चुनाव में जाट समाज बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा अनावरण समारोह के माध्यम से बीजेपी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान नेता राकेश टिकैत का कद भी घटाने की तैयारी में है। दरअसल राकेश टिकैत लगातार बीजेपी के खिलाफ आग उगल रहे हैं। किसान आंदोलन में भी राकेश टिकैत बीजेपी पर मुखर रहे हैं।
गत दिनों गन्ने बकाया भुगतान और बिजली के बिलों को लेकर राकेश टिकैत के नेतृत्व में लखनऊ में बड़ा आंदोलन देखने को मिला था। जाटों की नाराजगी और किसान आंदोलन के चलते बीजेपी ने 2019 के लोकसभा चुनाव में सहारनपुर, बिजनौर, अमरोहा और नगीना सीटें गंवा दी थी। 2024 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी का प्रयास है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सभी सीटें जीती जाए।

दरअसल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भावनात्मक मुद्दे बड़े हावी रहते हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में मुजफ्फरनगर दंगे की वजह से बीजेपी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एकतरफा जीत हासिल की थी। 2024 के आम चुनाव में भी बीजेपी श्रीकृष्ण जन्म स्थान और चौधरी चरण सिंह प्रतिमा अनावरण के सहारे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को फतह करना चाहती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर बीजेपी का फोकस करने का एक बड़ा कारण यह भी है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई जिले मुस्लिम बहुल हैं।

जाटों और किसानों को रिझाने के लिए बिलारी में न केवल चौधरी चरण सिंह की 51 फीट ऊंची प्रतिमा बनवाई गई है बल्कि यहां पर 7 मंजिला जाट भवन भी बनाया जा रहा है। साथ ही 100  बेड का वृद्धा आश्रम भी बनाया जा रहा है।

दरअसल चौधरी चरण सिंह किसानों के मसीहा के रूप में जाना जाते थे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को गन्ना बेल्ट के साथ ही चौधरी चरण सिंह के नाम भी जाना जाता है। मुलायम सिंह यादव, लालू प्रसाद यादव, राम विलास पासवान, शरद यादव, केसी त्यागी के साथ कई बड़े समाजवादी चौधरी चरण सिंह की पाठशाला से राजनीति का पाठ सीखकर बड़े नेता बने थे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आज भी लोग चौधरी चरण सिंह के नाम से वोटे देते हैं। जहां मुलायम सिंह ने लंबे समय तक चौधरी चरण सिंह के नाम पर राजनीति की वहीं अजीत सिंह अपने पिता चरण सिंह की राजनीतिक कमाई  को खाते रहे। आज की तारीख़ में जयंत चौधरी भी अपने दादा चरण सिंह की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं। देश में किसान नेता तो बहुत हुए पर किसानों की पैरवी करने वाले चौधरी चरण सिंह ही थे। उन्हें किसानों का मसीहा कहा जाता था। उनका कहना था कि देश के विकास का रास्ता खेत और खलिहान से होकर जाता है।

  • Related Posts

    शिक्षा और सामाजिक न्याय की क्रांतिकारी प्रतीक सावित्रीबाई फुले
    • TN15TN15
    • March 10, 2026

    नीरज कुमार भारतीय समाज के इतिहास में कुछ…

    Continue reading
    डा. राममनोहर लोहिया की 117 वीं जन्मतिथि  मनाने की तैयारी जोरो पर 
    • TN15TN15
    • March 2, 2026

    भारतीय समाजवादी विचार के प्रवर्तक , भारत ,…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    फिल्म ‘कहानी 2’ के निर्देशक को राहत, स्क्रिप्ट चोरी के आरोप में दर्ज केस सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त किया  

    • By TN15
    • March 20, 2026
    फिल्म ‘कहानी 2’ के निर्देशक को राहत, स्क्रिप्ट चोरी के आरोप में दर्ज केस सुप्रीम कोर्ट ने निरस्त किया  

    अतीक अहमद का जिक्र कर अबू आजमी का बड़ा बयान, ‘मेरी पार्टी के सांसद और ISI के बीच…’

    • By TN15
    • March 20, 2026
    अतीक अहमद का जिक्र कर अबू आजमी का बड़ा बयान, ‘मेरी पार्टी के सांसद और ISI के बीच…’

    भगवद्गीता और बौद्ध नैतिकता की दलित–आंबेडकरवादी दृष्टि से आलोचनात्मक तुलना

    • By TN15
    • March 20, 2026
    भगवद्गीता और बौद्ध नैतिकता की दलित–आंबेडकरवादी दृष्टि से आलोचनात्मक तुलना

    होर्मुज की टेंशन खत्‍म, इस रास्‍ते जाएगा तेल-गैस… नेतन्याहू लेकर आए नया प्‍लान!

    • By TN15
    • March 20, 2026
    होर्मुज की टेंशन खत्‍म, इस रास्‍ते जाएगा तेल-गैस… नेतन्याहू लेकर आए नया प्‍लान!

    मोदी ने अग्निवीर के नाम पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने के साथ ही सेना को भी कमजोर किया! 

    • By TN15
    • March 20, 2026
    मोदी ने अग्निवीर के नाम पर युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने के साथ ही सेना को भी कमजोर किया! 

    हीलियम ने हिला दिया दुनिया को… कतर पर ईरानी हमले से पूरी

    • By TN15
    • March 20, 2026
    हीलियम ने हिला दिया दुनिया को… कतर पर ईरानी हमले से पूरी