Gyanvapi : कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग वाली मांग खारिज

Gyanvapi : वाराणसी की अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद में कथित शिवलिंग की कार्बन डेटिंग करवाए जाने के फैसले को खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि कार्बन डेटिंग से यह स्पष्ट हो जाएगा की कथित शिवलिंग असलियत में शिवलिंग है या फव्वारा है।

16 मई को वाराणसी सिविल कोर्ट ने मस्जिद के अंदर उस इलाके को सील करने का आदेश दिया, जहाँ शिवलिंग मिलने का दावा किया गया था, वहाँ नमाज पर भी रोक लगा दी गई थी।

बाद में सुप्रीम कोर्ट ने कथित शिवलिंग वाली जगह को तो सील रखा, लेकिन मस्जिद में नवाज पढ़ने की अनुमति दे दी थी, इसी पर 4 महिला याचिकाकर्ताओं ने बनारस के जिला जज की अदालत में कार्बन डेटिंग करने की मांग की थी।

क्या – क्या पता चलता कार्बन डेटिंग से –

याचिकाकर्ता चाहते थे कि वैज्ञानिक जांच के जरिए कथित शिवलिंग की लंबाई, चौड़ाई और यह जमीन से कितनी अंदर तक है, इस स्थिति का पता लगाया जाए, साथ ही ये फव्वारा और शिवलिंग इस बात पर भी स्पष्टता लाई जाए।

यह भी पढ़े – हिजाब पहनने के मत पर बंटे सुप्रीम कोर्ट के दो जज

मुस्लिम पक्ष की राय –

मुस्लिम मुस्लिम पक्ष की ओर से वकील अखलाक अहमद ने कहा कि कार्बन डेटिंग ऐसी चीजों की होती है जो कार्बन अवशोषित करें, प्रायः जिनमें जीवन संभव हो

इंसान और उसकी हड्डी, जानवर, पेड़ पौधे इनकी जांच संभव है, इसी प्रकार पत्थर और लकड़ी कार्बन एब्जॉर्ब नहीं कर सकते हैं इसी कारण उनकी कार्बन डेटिंग नहीं हो सकती है।

Gyanvapi

बता दें कि अखलाक अहमद अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी के वकील है।

इस मामले पर वाराणसी कोर्ट ने बहस को सुनकर पिछले हफ्ते अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था, जिसे 14 Oct के दिन सुनाया गया।

Gyanvapi मामले में अब तक –

इसी साल अप्रैल माह में सिविल कोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद का सर्वे करने और उसकी वीडियोग्राफी की मंजूरी दे दी थी, इसी मामले पर मस्जिद इंतजामिया ने तकनीकी पहलुओं का हवाला देते हुए आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी।

बाद में यह याचिका खारिज हो गई थी, इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में इस मामले को ले जाया गया। सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को वापस वाराणसी कोर्ट में भेजते हुए कहा कि अदालत तय करें कि “मामला आगे सुनवाई के लायक है या नहीं

यहां क्लिक कर आप The News 15 के YouTube Channel पर जा सकते है।

फिलहाल इस मामले की अगली सुनवाई 17 Oct को होगी, मामलें में वैज्ञानिक तरीकों का इस्तेमाल कर आकृति को बिना क्षति पहुंचाए उसकी सच्चाई पता लगाने की मांग फिलहाल तो कोर्ट नें खारिज कर दी है, अगली सुनवाई तक दोनों पक्षो को इंतजार करना होगा।

आपको यह खबर कैसी लगी आप कमेंट कर अपनी राय हमें बता सकते है, ऐसी और खबरों के लिए पढ़ते रहें The News15 को।

  • Related Posts

    ‘THEY FIRED THE FIRST SHOT… न्यायपालिका करप्ट है आप ये सिखाना चाहते हो’, NCERT पर भड़के चीफ जस्टिस
    • TN15TN15
    • February 26, 2026

    सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने…

    Continue reading
    तिहाड़ जेल में ही रहेंगे राजपाल यादव, नहीं मिली बेल!
    • TN15TN15
    • February 12, 2026

    नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्टर राजपाल…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    गंगेश्वर रसोई गैस की क़ीमतों में बेतहासा वृद्धि किए जाने की माकपा ने की कड़ी आलोचना : गंगेश्वर दत्त शर्मा

    • By TN15
    • March 10, 2026
    गंगेश्वर रसोई गैस की क़ीमतों में बेतहासा वृद्धि किए जाने की माकपा ने की कड़ी आलोचना : गंगेश्वर दत्त शर्मा

    Sahara : निष्ठा और लगन की एक पहचान बनकर आए हैं ?

    • By TN15
    • March 10, 2026
    Sahara : निष्ठा और लगन की एक पहचान बनकर आए हैं ?

    किसान संघर्ष समिति की बैठक में अमेरिका इजरायल की निंदा !

    • By TN15
    • March 10, 2026
    किसान संघर्ष समिति की बैठक में अमेरिका इजरायल की निंदा !

    विदेश दौरे में सबसे अधिक पर विदेश नीति पर उपलब्धि शून्य?

    • By TN15
    • March 10, 2026
    विदेश दौरे में सबसे अधिक पर विदेश नीति पर उपलब्धि शून्य?

    विदेश दौरे सबसे अधिक पर विदेश नीति पर उपलब्धि शून्य?

    • By TN15
    • March 10, 2026
    विदेश दौरे सबसे अधिक पर विदेश नीति पर उपलब्धि शून्य?

    दोहरे मापदंड महिला आजादी में बाधक : नारी चेतना मंच

    • By TN15
    • March 10, 2026
    दोहरे मापदंड महिला आजादी में बाधक : नारी चेतना मंच