Jantar Mantar Protest : दिल्ली जंतर-मंतर पर कल होने वाले संसद सत्याग्रह में पहुंचेंगे हजारों ठगी पीड़ित : मदन लाल आजाद

Jantar Mantar Protest  : बड्स एक्ट 2019 के तहत ठगी कंपनियों से पैसा दिलवाने का दम भर रहा है संयुक्त राष्ट्रीय ठगी मोर्चा ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार

देशभर की विभिन्न पैरा बैंकिंग कंपनियों में जमा लोगों के पैसों को बड्स एक्ट के तहत दिलवाने के लिए संयुक्त राष्ट्रीय ठगी मोर्चा ठगी पीड़ित जमाकर्ता परिवार के 31 जुलाई को होने वाले संसद सत्याग्रह में विभिन्न राज्यों से पीड़ित दिल्ली जंतर-मंतर पर पहुंच रहे हैं।  यह जानकारी संगठन के संयोजक मदन लाल आजाद ने दी है। उन्होंने बताया कि सहारा, आदर्श, संजीवनी, नवजीवन, सर्वोदय जीवन, लोकहित, जेकेपी, कल्पेश्वर, खेतेश्वरल, कामधेनु जैसी हजारों मल्टी स्टेट

कॉपरेटिव सोसायटियों से ने जो करोड़ों नागरिकों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। उनको पैसा दिलवाने के लिए यह संसद सत्याग्रह हो रहा है। उन्होंने बताया कि देशभर से हजारों की संख्या में आंदोलनकारी जंतर-मंतर पर पहुंच रहे हैं। उन्होंने बताया कि जंतर-मंतर पर संसद सत्याग्रह कर विभिन्न दलों के सांसदों और मंत्रियों पर दबाव डाला जाएगा कि विभिन्न कंपनियों में जमा पैसा पीड़ितों को दिलवाया जाए। मदन लाल आजाद ने कहा कि ठगी कंपनियों में जमा पैसा बस बड्स एक्ट के तहत ही मिल सकता है। उन्होंने बताया कि असम, केरल, उड़ीसा, झारखंड, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, मेघालय, सिक्किम समेत 25 राज्यों में बड्स एक्ट 2019 लागू हो चुका है।

मदन लाल ने बताया कि केंद्र सरकार एक षड्यंत्र के तहत 2020 में इस एक्ट को रद्द कर रही थी पर उनके संगठन के संघर्ष के सामने सरकार की एक न चली आखिरकार उसे बडस एक्ट 2019 लागू करना पड़ा। उन्होंने बताया कि बड्स एक्ट 2019 को लागू कराने के लिए उनके संगठन ने सड़क से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक यह लड़ाई लड़ी है। मदन लाल आजाद ने बताया कि हर जिले में जमाकर्ताओं का पैसा दिलवाने के लिए एक अधिकारी नियुक्त करने का प्रावधान इस एक्ट में है। इस सत्याग्रह के माध्यम से सरकार पर हर जिले में एक अधिकारी नियुक्त करने का दबाव नाया जाएगा। मदन लाल आजाद ने बताया कि उन्होंने सहारा इंडिया, बाइक बोट, हैलोटैक्सी, टॉप राइट, राधा माधव जैसी ठग कंपनियों के जमाकर्ताओं से अपील की थी कि वे 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर दें।

मदन लाल आजाद ने बताया कि करीब 20 करोड़ परिवार का हजारों करोड़ रुपये इन इन ठग कंपनियों पर है। मदन लाल का कहना है कि जितने भी संगठन इन कंपनियों के खिलाफ लड़ रहे हैं वे भलीभांति समझ लें कि यह लड़ाई बड्स एक्ट 2019 के तहत लड़ी जाएगी। कोई राजनीतिक दल पीड़ितों का पैसा नहीं दिलवा पाएगा। राजनीतिक दलों के नेता अपनी राजनीतिक रोटियां सेकेंगे और खिसक लेंगे।

उन्होंने बताया कि सेबी एक्ट 1992, कॉपरेटिव सोसायटी एक्ट 2019, लॉ कंपनी एक्ट 2013, चिटफंड 2019 और अनियमित जमा योजनाएं पाबंद कानून 2019 का उल्लंघन करते हुए सहारा इंडिया पर्ल्स, बाइक बोट, हैलो टैक्सी, टाइपराइड, राधा माधव, ब्ल्यूफॉक्स, साइन सिटी, फ्यूचर, मेकर, कैची पिक्सल, स्ट्रीट हॉक्स, कर्मभूमि, अल्पतरू, सारईं प्रसाद, हीरा गोल्ड, पिनकोन, रामेल, प्रयाग, हैलोराड, गो वे गो बाइक, एनएनएम, एवरग्रीन, विश्वास ट्रेडिंग, कार सर्विस यात्रा, ग्लोबल स्टार, किसान एग्रो, विश्वामित्र जैसी हजारों कंपनियों ने करोड़ों नागरिकों को बारी-बारी से अपनी ठग स्कीम्स में फंसाकर ठगा है। उन्होंने कहा कि अब पीड़ित लोग 31 जुलाई को जंतर-मंतर पर आकर अपना हक मांगेंगे।

 

  • Related Posts

    इंडिया गठबंधन मार्च : अखिलेश हिरासत में, UP में सपाइयों ने काटा बवाल

    इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन से…

    Continue reading
    स्वतंत्र भारद्वाज को बड़ी राहत, अब नहीं जाना होगा जेल, मिली जमानत

    कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर प्रोटेस्ट में…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    लोकतंत्र बचाओ–देश बचाओ अभियान के तहत डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

    लोकतंत्र बचाओ–देश बचाओ अभियान के तहत डीएम कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन

    10% विकसित प्लॉट के मुद्दे पर 21 अक्टूबर से यमुना प्राधिकरण पर किसान संघर्ष मोर्चा का महापड़ाव

    10% विकसित प्लॉट के मुद्दे पर 21 अक्टूबर से यमुना प्राधिकरण पर किसान संघर्ष मोर्चा का महापड़ाव

    विपक्षी सांसदों का अब राजघाट तक मार्च 

    विपक्षी सांसदों का अब राजघाट तक मार्च 

    नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए सचिन तेंदुलकर, यूं दी अंतिम श्रद्धांजलि

    नाना पाटेकर के निधन पर भावुक हुए सचिन तेंदुलकर, यूं दी अंतिम श्रद्धांजलि

    गांव की मिट्टी में रमे थे नाना पाटेकर, जन्मभूमि से थी अंतिम विदाई की इच्छा! 

    गांव की मिट्टी में रमे थे नाना पाटेकर, जन्मभूमि से थी अंतिम विदाई की इच्छा! 

    अपने गांव से अंतिम विदाई चाहते थे नाना पाटेकर! 

    अपने गांव से अंतिम विदाई चाहते थे नाना पाटेकर!