ब्रिटेन को डर ‘कहीं हम पर हमला न कर दे रूस;’ NATO की मांग को ही कर दिया खारिज

लंदन (एजेंसी) । यूक्रेन पर रूसी हमले के बीच पूरे यूक्रेन पर युद्ध का संकट मंडराने लगा है। ब्रिटेन को इस बात का डर सता रहा है कि रूस कहीं उस पर ही हमला न कर दे। ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री ने यूक्रेन के हवाई क्षेत्र को ‘उड़ान प्रतिबंधित क्षेत्र’ घोषित करने के उत्तर अटलांटिक संधि संगठन यानी नाटो के आह्वान को फिर से खारिज कर दिया और कहा कि इससे गठबंधन रूसी बलों के साथ सीधे संघर्ष की स्थिति में आ जाएगा, तो युद्ध और बढ़ने का खतरा होगा।…हमें रूसी विमानों को मार गिराना हेागा’ : ब्रिटेन के उप प्रधानमंत्री डोमिनिक राब ने मंगलवार को ‘स्काई न्यूज’ से कहा कि ब्रिटेन अन्य देशों के साथ मिलकर प्रतिबंध कड़े करके और संघर्ष के दौरान हुए युद्ध अपराधों की जांच करके रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर अपना रुख बदलने का दबाव बना रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘हम यह (उड़ान प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित) नहीं करने वाले हैं, क्योंकि हम ऐसी स्थिति में आ जाएंगे, जब हमें रूसी विमानों को मार गिराना हेागा।’’
उल्लेखनीय के यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने नाटो से अनुरोध किया था कि वह रूसी विमानों, हेलीकॉप्टर एवं मिसाइल के लिए उसके हवाई क्षेत्र को ‘उड़ान प्रतिबंधित क्षेत्र’ घोषित करे। बता दें कि इससे पहले यूक्रेन और रूस के अधिकारियों ने रूसी हमले को समाप्त करने के लक्ष्य से वार्ता करने के लिए सोमवार को मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान वार्ता जारी रखने को लेकर समझौता किया गया। हालांकि मंगलवार को खबरें आईं कि रूस ने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव में फिर से भीषण गोलाबारी की है। यूक्रेनी प्राधिकारियों ने यह जानकारी दी।
खारकीव क्षेत्रीय प्रशासन के प्रमुख ओलेह सिनेहुबोव ने कहा कि रूस ने खारकीव के बीचों-बीच आवासीय इमारतों के साथ एक प्रशासनिक इमारत पर मंगलवार को गोलाबारी की। सिनेहुबोव ने यह नहीं बताया कि इस गोलाबारी में कितने लोग हताहत हुए हैं। इससे पहले, उन्होंने बताया कि सोमवार को खारकीव में हुई गोलाबारी में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य लोग घायल हुए थे। उन्होंने कहा कि यूक्रेन की सेना 14 लाख की आबादी वाले इस शहर में आगे बढ़ने की रूस की कोशिशों को बाधित करने की कोशिश कर रही है।
तालिबान ने अफगान नागरिकों की देश से निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसको लेकर अफगान सुरक्षा बलों ने एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया है. अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों ने यात्रा प्रतिबंध पर चिंता जाहिर की है.तालिबान सरकार के मुताबिक किसी भी अफगान को देश छोड़ने की इजाजत नहीं होगी. वहीं, अफगान बलों ने सोमवार 28 फरवरी से घर-घर जाकर एक अभियान शुरू किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अफगान नागरिक देश को छोड़कर विदेश न जाएं. तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने रविवार देर शाम इन प्रतिबंधों की घोषणा की. तालिबान के प्रवक्ता ने कहा कि प्रतिबंध का उद्देश्य अफगानों को विदेशों में कठिनाइयों से बचाना है. मुजाहिद के मुताबिक राष्ट्रों या गैर-सरकारी संगठनों द्वारा आयोजित निकासी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है, जबकि यहां तक कि खुद से देश छोड़ने का प्रयास करने वाले परिवारों को अब “कारण” बताना होगा या उन्हें इमिग्रेशन द्वारा रोक दिया जाएगा. अफगानिस्तान में दो महिला अधिकार कार्यकर्ता लापता, संयुक्त राष्ट्र चिंतित मुजाहिद ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, “मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि जो लोग अपने परिवार के साथ देश छोड़कर जाते हैं और उनके पास इस निकासी का कोई कारण नहीं है. हम उन्हें देश छोड़ने की अनुमति नहीं देंगे और उन्हें रोका जाएगा” प्रतिबंध सभी पर लागू तालिबान सरकार द्वारा घोषित प्रतिबंध और अफगान बलों के अभियान का असर सभी अफगानों पर पड़ेगा
महिलाएं भी विदेश नहीं जा सकतीं जब तक कि उनके साथ कोई पुरुष रिश्तेदार न हो. नया प्रतिबंध पिछले साल शुरू किए गए प्रतिबंधों की एक श्रृंखला का हिस्सा है, लेकिन उस समय शहरों और कस्बों के बीच अकेली महिलाओं की यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया था. अफगानिस्तान के पैसे को ना बांटे अमेरिका: तालिबान मुजाहिद ने अपने बयान में कहा, “जो महिलाएं विदेश यात्रा करना चाहती हैं, उनके साथ एक पुरुष सदस्य होना चाहिए।  तालिबान की ओर से यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब अफगानिस्तान में अपहरणकर्ताओं, चोरों और लुटेरों की तलाश के लिए पिछले सप्ताहांत में अभियान चलाया गया था. यात्रा प्रतिबंध उन हजारों अफगानों के लिए एक झटका है, जिन्होंने अमेरिकी नेतृत्व वाली विदेशी ताकतों या अन्य पश्चिमी संगठनों के साथ काम किया था और उन्हें निकालने का वादा विदेशी सरकारों और संगठनों ने किया था. हजारों लोग अभी भी अफगानिस्तान में हैं, लेकिन वे बाहर निकलने के लिए बेताब हैं और ऐसी आशंका है कि तालिबान उन्हें “विदेशी तत्वों के भागीदार या सूत्रधार” के रूप में निशाना बना सकता है. यूरोप और अन्य देश जाने के लिए लोग ईरान पहुंच रहे थे।

Related Posts

अफगानिस्तान ने किया पाकिस्तान पर ड्रोन हमला
  • TN15TN15
  • March 13, 2026

इधर ईरान-इजरायल युद्ध चल रहा है दूसरी ओर अफगान…

Continue reading
क्या मोदी लोगों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील कर सकते हैं?
  • TN15TN15
  • March 13, 2026

1965 में जब भारत पाकिस्तान के साथ युद्ध…

Continue reading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You Missed

नोएडा में गैस किल्लत से मचा हाहाकार, प्रशासन के दावे फेल : गंगेश्वर दत्त शर्मा

  • By TN15
  • March 13, 2026
नोएडा में गैस किल्लत से मचा हाहाकार, प्रशासन के दावे फेल : गंगेश्वर दत्त शर्मा

युवा कुंभ का आयोजन

  • By TN15
  • March 13, 2026
युवा कुंभ का आयोजन

कैपिटल पावर सिस्टम लिमिटेड फैक्ट्री में भीषण आग, कई श्रमिक घायल, मौतों की आशंका

  • By TN15
  • March 13, 2026
कैपिटल पावर सिस्टम लिमिटेड फैक्ट्री में भीषण आग, कई श्रमिक घायल,  मौतों की आशंका

ऐसे ही तो अजय प्रताप ने गोली नहीं मारी दोनों अधिकारियों को ?

  • By TN15
  • March 13, 2026
ऐसे ही तो अजय प्रताप ने गोली नहीं मारी दोनों अधिकारियों को ?

हकीकत की ठोकरें हमें हमारे ख्वाबों की असली कीमत समझाने…

  • By TN15
  • March 13, 2026
हकीकत की ठोकरें हमें हमारे ख्वाबों की असली कीमत समझाने…

अज्ञानी रिश्तों में झुकता नहीं-अहंकार, रिश्ते और जीवन की सच्चाई

  • By TN15
  • March 13, 2026
अज्ञानी रिश्तों में झुकता नहीं-अहंकार, रिश्ते और जीवन की सच्चाई