Site icon Thenews15.in

जब पेंशन लेने से इनकार कर दिया था हरगुलाल सिंह ने!

ठाकुर हरगुलाल सिंह बिजनौर के एक प्रमुख समाजवादी नेता, स्वतंत्रता सेनानी और रवा राजपूत समाज के सबसे बड़े नेता थे। वे उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के किरतपुर ब्लाक के अंतर्गत पड़ने वाले लच्छीरामपुर गांव के निवासी थे। ठाकुर हरगुलाल सिंह ने भारतीय समाजवादी आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे एक समर्पित समाजवादी कार्यकर्ता थे, जिन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी की। इमरजेंसी में वह 13 महीने जेल में रहे। उन्होंने यह कहकर पेंशन लेने से इनकार कर दिया था कि पेंशन के लिए उन्होंने आज़ादी की लड़ाई नहीं लड़ी। सोशलिस्ट पार्टी में वह पड़े पदों पर आसीन रहे।

राजनीतिक और सामाजिक योगदान
समाजवादी आंदोलन में भूमिका: ठाकुर हरगुलाल सिंह ने डॉ. राम मनोहर लोहिया, लोक नायक जयप्रकाश नारायण और चौधरी चरण सिंह जैसे प्रमुख समाजवादी नेताओं के साथ निकटता से काम किया। वे समाजवादी विचारधारा के प्रचार-प्रसार और किसान-मजदूर आंदोलनों में सक्रिय रहे।
राजनीतिक सम्मान: पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर उन्हें बड़ा भाई मानते थे, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री वी.पी. सिंह उन्हें “चचा” कहकर संबोधित करते थे। वे मुलायम सिंह यादव और उनके समकक्ष समाजवादी नेताओं को अधिकार के तहत बुलाकर निर्देश दिया करते थे।
समाजिक नेतृत्व: रवा राजपूत समाज में वे सबसे प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। हालांकि, समाज द्वारा उनके योगदान को पर्याप्त मान्यता नहीं मिली, और राजनीतिक मंचों पर उनका नाम कम ही लिया जाता है।
विरासत
बिजनौर के केलावाला (शाहबाजपुर) स्थित आदर्श विद्या निकेतन इंटर कॉलेज परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित है। विभिन्न कार्यक्रमों और सम्मेलनों में उनकी स्मृति में माल्यार्पण किया जाता है, वे बिजनौर के समाजवादी इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो किसान आंदोलनों और सामाजिक न्याय की लड़ाई से जुड़े रहे।

Exit mobile version