40 की उम्र के बाद महिलाओं में किडनी की समस्याएं बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है, क्योंकि इस उम्र में हार्मोनल बदलाव, लाइफस्टाइल और कुछ आम आदतें किडनी पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं। कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों और हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कुछ गलत आदतें किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे क्रॉनिक किडनी डिजीज या फेलियर का जोखिम बढ़ जाता है। यहां उन 5 मुख्य कामों की सूची है, जिन्हें महिलाओं को 40 के बाद भूलकर भी नहीं करना चाहिए:
पेशाब को लंबे समय तक रोकना: काम, सफर या व्यस्तता में कई महिलाएं पेशाब रोक लेती हैं। इससे बैक्टीरिया बढ़ते हैं, जो यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (UTI) का कारण बनते हैं और किडनी तक पहुंचकर स्थायी क्षति पहुंचा सकते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह आदत महिलाओं में किडनी डिजीज का खतरा 5 गुना बढ़ा देती है।
पर्याप्त पानी न पीना: घरेलू कामों में व्यस्त रहने से कई महिलाएं दिन भर में कम पानी पीती हैं। डिहाइड्रेशन से किडनी में टॉक्सिन जमा होते हैं, पथरी बनती है और फिल्ट्रेशन प्रभावित होता है। रोजाना कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना जरूरी है।
बिना डॉक्टर की सलाह के पेनकिलर (खासकर इबुप्रोफेन जैसी NSAID दवाएं) का ज्यादा इस्तेमाल: छोटे-मोटे दर्द में तुरंत पेनकिलर लेना आम है, लेकिन लंबे समय तक इनका सेवन किडनी में ब्लड फ्लो कम करता है और गंभीर डैमेज पहुंचाता है। ओवर-द-काउंटर पेनकिलर का नियमित यूज किडनी फेलियर का बड़ा कारण बन सकता है।
हाई-प्रोटीन डाइट का अत्यधिक सेवन: वेट लॉस या फिटनेस के लिए ज्यादा प्रोटीन लेना ट्रेंड में है, लेकिन 40 के बाद यह किडनी पर अतिरिक्त बोझ डालता है। ज्यादा प्रोटीन फिल्टर करने से किडनी ओवरवर्क करती है, जिससे अपरिवर्तनीय क्षति हो सकती है। बैलेंस्ड डाइट अपनाएं।
नमक और प्रोसेस्ड फूड का ज्यादा सेवन (या हाई ब्लड प्रेशर को इग्नोर करना): ज्यादा नमक से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, जो किडनी की ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाता है। प्रोसेस्ड फूड, स्ट्रीट फूड में हाई सोडियम होता है, जो किडनी के लिए खतरनाक है।

