बिहार में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35% आरक्षण का प्रावधान लागू है। यह नीति 2016 से प्रभावी है, जब नीतीश कुमार सरकार ने सभी सरकारी सेवाओं और पदों पर सीधी नियुक्ति में महिलाओं के लिए 35% क्षैतिज आरक्षण को मंजूरी दी थी। यह आरक्षण बिहार की मूल निवासी महिलाओं के लिए लागू होता है, और इसका उद्देश्य महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। इसके अतिरिक्त, पंचायती राज और नगर निकायों में महिलाओं को 50% आरक्षण पहले से ही लागू है।
हाल ही में, 8 जुलाई 2025 को, नीतीश कुमार ने पुनः इस नीति की पुष्टि की, जिसमें स्पष्ट किया गया कि यह आरक्षण केवल बिहार की मूल निवासी महिलाओं के लिए है, और इसे सभी संवर्गों व सेवाओं में लागू किया जाएगा। यदि महिला कोटे की सीटें खाली रहती हैं, तो वे समान कोटे के पुरुष उम्मीदवारों द्वारा भरी जा सकती हैं। यह नीति बिहार को देश में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अग्रणी बनाती है, विशेष रूप से पुलिस और अन्य सरकारी नौकरियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने में।

