ग्रेटर नोएडा। किसान सभा की सतत संघर्ष शीलता एवं निरंतर प्रयासों के फलस्वरूप, आबादी से संबंधित लंबित मामलों में बड़ी सफलता मिली है। एसआईटी (विशेष जांच टीम) द्वारा जांच उपरांत 151 प्रकरणों को शासन की स्वीकृति हेतु हस्ताक्षरित कर भेज दिया गया है। ये प्रकरण पूर्व में स्वीकृत 2192 प्रकरणों में से नियमावली के अंतर्गत शेष बचे 533 प्रकरणों में शामिल थे।
गौरतलब है कि किसान सभा ने वर्षों से लंबित आबादी के सभी प्रकरणों के निस्तारण हेतु लगातार आंदोलन किया। वर्ष 2021 में किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा द्वारा दैनिक जागरण के एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से प्रत्यक्ष रूप से उठाए गए प्रश्न के फलस्वरूप 1451 प्रकरणों का निस्तारण त्वरित किया गया। शेष 533 प्रकरणों में से 233 प्रकरण 2023 में किसान सभा के 124 दिनों के धरना-प्रदर्शन के दौरान क्लियर हुए।
शेष बचे 237 प्रकरणों की गहन जांच के लिए शासन ने एसआईटी गठन कर रिपोर्ट माँगी थी। अब इनमें से 151 प्रकरण (खैरपुर को छोड़कर) शासन को भेजे जा चुके हैं। अब केवल 86 प्रकरण खैरपुर के और 208 प्रकरण बादलपुर के शेष हैं। इन पर भी किसान सभा सतत निगरानी एवं दबाव बनाए हुए है।
इस अवसर पर किसान सभा के जिला अध्यक्ष डॉ. रुपेश वर्मा ने कहा कि किसान सभा किसानों के हर मुद्दे पर पूरी गंभीरता से काम कर रही है। चाहे वह आबादी का निस्तारण हो, सर्किल रेट का पुनर्निर्धारण, भूमि अधिग्रहण के नए कानूनों का पालन हो या 10% प्लॉट की बहाली। कोई भी मुद्दा तब तक नहीं छोड़ा जाएगा जब तक उसका अंतिम समाधान न हो जाए। किसान सभा का यह आंदोलन किसानों के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

