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संघ के 100 साल: प्लेग में हेडगेवार ने खोए थे माता-पिता और भाई, तेलंगाना से नागपुर आकर बसा था परिवार

डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संस्थापक, का जन्म 1 अप्रैल 1889 को नागपुर में हुआ था। उनके परिवार की जड़ें तेलंगाना के निजामाबाद जिले के कंदकुरठी गांव से जुड़ी हुई हैं। उनके परदादा नरहर शास्त्री ने 19वीं शताब्दी के मध्य में वहां से नागपुर चले आए थे, जहां परिवार ने बस गया।

हेडगेवार केवल 13 वर्ष की आयु में ही एक भयंकर प्लेग महामारी का शिकार हो गए, जिसमें उनके माता-पिता एक ही दिन में चल बसे। इसके अलावा, उनके सबसे बड़े भाई महादेव शास्त्री भी उसी प्लेग में मृत्यु को प्राप्त हो गए। इन दुखद घटनाओं के बाद हेडगेवार को उनके अन्य भाइयों, जैसे सीताराम पंत, ने संभाला। गरीबी और कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी और सरकारी मेडिकल कॉलेज नागपुर से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की।

आरएसएस के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर (जो 2025 में विजयादशमी पर मनाया जा रहा है), हेडगेवार की यह प्रारंभिक जिंदगी संघ के स्वयंसेवकों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका निभाई और 1925 में नागपुर के एक छोटे से शाखा से संघ की नींव रखी, जो आज विश्व का सबसे बड़ा स्वयंसेवी संगठन बन चुका है। यदि आप इस पर अधिक विस्तार या कोई विशेष पहलू जानना चाहें, तो बताएं!

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