3 जनवरी को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला की राजधानी काराकास में एक सैन्य ऑपरेशन किया, जिसमें राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया। उन्हें ड्रग तस्करी, नार्को-टेररिज्म और हथियारों से जुड़े पुराने आरोपों पर न्यूयॉर्क में मुकदमा चलाया जाएगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन की पुष्टि की और कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला को “ठीक” करने में मदद करेगा।
इस घटना के ठीक तीन दिन बाद, 5 जनवरी 2026 को मादुरो के बेटे निकोलस मादुरो गुएरा (Nicolás Maduro Guerra) का एक ऑडियो बयान सामने आया। इसमें उन्होंने गुस्से और चुनौती भरे अंदाज में अमेरिका और ट्रंप प्रशासन को ललकारा।
बयान का मुख्य हिस्सा:
“बेशक हमें दुख होता है, बेशक हमें गुस्सा आता है, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाएंगे, धिक्कार है इस पर। मैं अपनी जिंदगी की, अपनी मां की, सीलिया की कसम खाता हूं।”
यहाँ “वे ऐसा नहीं कर पाएंगे” से उनका इशारा अमेरिका के वेनेजुएला पर नियंत्रण या मादुरो शासन को पूरी तरह खत्म करने की कोशिशों की नाकामी की ओर है। उन्होंने कहा कि उनके पिता के समर्थक कमजोर नहीं पड़ेंगे और राष्ट्रपति मादुरो वापस लौटेंगे।
यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और वेनेजुएला में तनावपूर्ण शांति के बीच मादुरो समर्थकों का मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस अमेरिकी कार्रवाई की निंदा हो रही है, जबकि ट्रंप प्रशासन इसे न्याय और लोकतंत्र की जीत बता रहा है।
इस घटना के ठीक तीन दिन बाद, 5 जनवरी 2026 को मादुरो के बेटे निकोलस मादुरो गुएरा (Nicolás Maduro Guerra) का एक ऑडियो बयान सामने आया। इसमें उन्होंने गुस्से और चुनौती भरे अंदाज में अमेरिका और ट्रंप प्रशासन को ललकारा।
बयान का मुख्य हिस्सा:
“बेशक हमें दुख होता है, बेशक हमें गुस्सा आता है, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पाएंगे, धिक्कार है इस पर। मैं अपनी जिंदगी की, अपनी मां की, सीलिया की कसम खाता हूं।”
यहाँ “वे ऐसा नहीं कर पाएंगे” से उनका इशारा अमेरिका के वेनेजुएला पर नियंत्रण या मादुरो शासन को पूरी तरह खत्म करने की कोशिशों की नाकामी की ओर है। उन्होंने कहा कि उनके पिता के समर्थक कमजोर नहीं पड़ेंगे और राष्ट्रपति मादुरो वापस लौटेंगे।
यह बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ और वेनेजुएला में तनावपूर्ण शांति के बीच मादुरो समर्थकों का मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस अमेरिकी कार्रवाई की निंदा हो रही है, जबकि ट्रंप प्रशासन इसे न्याय और लोकतंत्र की जीत बता रहा है।







