यह घटना हमास और डोग्मुश कबीले (एक प्रभावशाली परिवार) के बीच हिंसक झड़पों के बीच हुई, जो युद्धविराम के बाद गाजा के कुछ हिस्सों से इजरायली सेना की वापसी के बाद भड़की। झड़पें सबरा और तेल अल-हवा इलाकों में हुईं, जो कथित तौर पर एक वरिष्ठ हमास कमांडर के बेटे की हत्या से शुरू हुईं। हमास से जुड़ी सुरक्षा इकाई रादा ने इसे “चुने हुए अपराधियों और गुंडों” के खिलाफ ऑपरेशन बताया, जिसमें सहयोगियों, नागरिकों पर हमले और युद्ध के दौरान भर्ती करने वालों को निशाना बनाया गया। हालांकि, डोग्मुश परिवार ने इजरायल से सहयोग का आरोप नकारा और कहा कि उन्होंने युद्ध में 600 सदस्य खोए हैं। उन्होंने इसे “क्रूर अपराध” करार दिया, जिसमें बिना वजह हत्या, धमकी, यातना और घर जलाना शामिल है।
यह घटना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हमास को निशस्त्रीकरण की चेतावनी के बीच हुई, जिन्होंने युद्धविराम समझौते में मध्यस्थता की थी। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने हमास को अस्थायी रूप से क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की मंजूरी दी है, लेकिन यह उनके 20-सूत्री शांति योजना का हिस्सा है जिसमें हथियार डालने और शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का वादा है।
फिलिस्तीनी अथॉरिटी (पीए): हमास की निष्पादनों को “क्रूर अपराध” बताकर निंदा की और कानून की बहाली की मांग की। अल-मेज़ान ह्यूमन राइट्स सेंटर (फिलिस्तीनी एनजीओ): इसे “नागरिकों की अतिरिक्त न्यायिक हत्या” कहा और जांच की मांग की।
इजरायल: वीडियो साझा कर कहा कि यह दिखाता है क्यों “हमास को जाना चाहिए”, और इसे भय, यातना और हत्याओं पर आधारित तानाशाही बताया। ट्रंप: इसे युद्ध के बाद की चुनौतियों का हिस्सा बताया और संभावित प्रतिशोध की आशंका जताई। यह घटना गाजा में हमास की पकड़ मजबूत करने की कोशिश को दर्शाती है, लेकिन इससे मानवाधिकार चिंताएं बढ़ गई हैं। अगर आपको वीडियो या और डिटेल्स चाहिए, तो बताएं।






