उत्तर प्रदेश शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड को लेकर पूर्व चेयरमैन जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर (सैयद वसीम रिजवी) ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने वक्फ संपत्तियों में बड़े पैमाने पर कथित अनियमितताओं, अवैध बिक्री और संपत्तियों के रिकॉर्ड में हेरफेर का दावा किया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में शिया वक्फ बोर्ड से जुड़ी संपत्तियों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं। उनका दावा है कि लखनऊ, मेरठ, प्रयागराज, अलीगढ़ और झांसी समेत कई शहरों में करोड़ों रुपये की बहुमूल्य संपत्तियां कथित तौर पर मुतवल्लियों के जरिए बेची गईं। उन्होंने करीब एक हजार करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है. इसके साथ ही दावा किया कि कुछ वक्फ संपत्तियों को कथित तौर पर पैसे लेकर रिकॉर्ड से हटाया गया।
‘हिंदुओं की संपत्तियों को भी वक्फ में दर्ज किया गया’
कब्रों की बिक्री का भी लगाया आरोप
दरगाहों में चंदे को लेकर भी सवाल
सेंगर ने यह भी सवाल उठाया कि साल 1995 के बाद उत्तर प्रदेश में शिया और सुन्नी वक्फ बोर्डों के गठन और संचालन से जुड़े नियमों का पालन किस तरह किया गया। उन्होंने अलग-अलग बोर्ड बनाए जाने को लेकर भी सवाल उठाते हुए सरकारी धन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया।

