यह खबर संभल (उत्तर प्रदेश) से जुड़ी है, जहाँ नवंबर 2024 में शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान हुई हिंसा के दौरान फेंके गए पत्थरों को बर्बाद नहीं होने दिया गया। इन पत्थरों का उपयोग करके नई पुलिस चौकी का निर्माण किया गया है, जो अब कानून-व्यवस्था की मजबूती का प्रतीक बनी हुई है।
मुख्य विवरण
स्थान: नखासा थाना क्षेत्र के दीपा सराय इलाके में, जो मुस्लिम बहुल क्षेत्र है। यह चौकी संभल हिंसा के कथित मास्टरमाइंड शारिक साठा (जो दुबई में रहते हैं) के घर से मात्र 300 मीटर दूर स्थित है।
निर्माण का उद्देश्य: एसपी के.के. विश्नोई के अनुसार, “दंगाइयों द्वारा फेंके गए पत्थरों को बेकार नहीं जाने दिया जाएगा। इन्हीं पत्थरों से पुलिस चौकियां बनाई जाएंगी, ताकि हिंसा के अवशेष भविष्य के लिए एक संदेश बन सकें कि कानून से खिलवाड़ की कोई भी कोशिश अंततः व्यवस्था को और मजबूत ही करेगी।” यह चौकी क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी बढ़ाने के लिए बनाई गई है।
उद्घाटन: आज (12 दिसंबर 2025) वैदिक मंत्रोच्चारण, हवन-पूजन और दुर्गासप्तशती पाठ के बीच उद्घाटन होगा। डीएम और एसपी कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। यह पारंपरिक शुभ मुहूर्त में आयोजित हो रहा है, जो हिंसा की पहली बरसी से ठीक पहले का कदम है।

