30 जुलाई को लखनऊ के मड़ियांव इलाके की लड़की वासवी तोमर पुत्री रामकुष्ण्ण तोमर की जो ग्राफिक एरा हिल विश्वविद्यालय, भीमताल, थाना भुवाली, जिला नैनीताल में पढ़ने गई थी और बी.सी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा थी, संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई है। अभी तक प्राथमिक सूचना रिपोर्ट भी दर्ज नहीं हुई है।
वासवी के साथ एक पहली वर्ष की नर्सिंग की छात्रा रहने आई थी। 29 जुलाई को नर्सिंग की कुछ वरिष्ठ छात्राओं ने जब उसकी रैगिंग करना चाहा तो वासवी ने उन्हें रोका। इसकी शिकायत वासवी ने अपनी वार्डन से भी की। अगले दिल कक्षा से ढाई बजे लौटने के बाद वासवी कमरे पर साढ़े पांच बजे पंखे से लटकी मिली। परिवार वालों को जब सूचना मिली तो वे तुरंत रवाना हुए और रात 2 बजे पहंुच गए। उन्हें अस्पताल में वासवी की मृत शरीर मिला। पोस्टमार्टम के बाद वे शरीर को ले आए और लखनऊ में 1 अगस्त को अंतिम क्रिया कर्म किया।
परिवार वालों का मानना है कि वासवी की मृत्यु संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। यह आत्महत्या का मामला नहीं है। विश्वविद्यालय के लोगों का व्यवहार सामान्य नहीं है। मीडिया में खबर चलने नहीं दी जा रही है।
वासवी तोमर के परिवार को न्याय दिलाने हेतु लखनऊ में 3 अगस्त, 2025, रविवार को शाम पांच बजे से आई.टी. चैराहे से एक पैदल मार्च परिवर्तन चैक तक निकाला गया और मोमबत्ती जलाकर प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। हमारी मांग है कि रैगिंग को पूरी तरह रोका जाए। वासवी की मृत्यु की घटना की तटस्थ जांच कर दोषियों को सज़ा दी जाए।
वासवी तोमर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के परिप्रेक्ष्य में परिवार को न्याय दिलाने के लिए पैदल मार्च

