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यूक्रेन में हर फ्रंटलाइन पर रूसी सेना आगे बढ़ी, कब्जे की तैयारी में हैं पुतिन?

यूक्रेन युद्ध में रूसी सेना ने कई मोर्चों पर सीमित लेकिन निरंतर प्रगति की है, खासकर ड्रोन और भारी बमों के इस्तेमाल से। इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर (ISW) की 19 दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, रूसी बलों ने खार्किव के पूर्वोत्तर में वॉवचांस्क के पास, कोस्ट्यांतिनिव्का-द्रुजकिव्का और डोब्रोपिल्या क्षेत्रों में आगे बढ़त हासिल की है। इसमें सिनेल्निकोवे और त्सेहेल्ने पर कब्जा, प्लेश्चीव्का के दक्षिण में प्रगति और जापोविड्ने के उत्तरी किनारों तक पहुंच शामिल है। हालांकि, सिवर्स्क, पोकrovस्क, नोवोपावलिव्का और ओलेक्सांद्रिव्का जैसे दिशाओं में कोई पुष्टि प्राप्त प्रगति नहीं हुई, जबकि दक्षिण में हुल्याइपोले और जापोरिजिया पश्चिम में कोई सफलता नहीं मिली। 17 दिसंबर की रिपोर्ट में भी पेट्रोपावलिव्का पूर्व, याम्पिल दक्षिण-पश्चिम, पोकrovस्क उत्तरी और नोवोपिद्होरोंद्ने केंद्रीय क्षेत्रों में छोटी-छोटी बढ़त का जिक्र है, लेकिन कुल मिलाकर रूसी हमले आकर्षण युद्ध (attritional assaults) पर आधारित हैं, जिसमें भारी नुकसान हो रहा है। यूक्रेनी कमांडर अलेक्जेंडर सिरस्की ने कहा कि रूस लगभग पूरी संपर्क रेखा पर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है, और उसके पास 7,10,000 से ज्यादा सैनिक तैनात हैं।
ड्रोन और हेवी बमों के अटैक पर: रूस ने ड्रोन हमलों को तेज कर दिया है। 18-19 दिसंबर की रात में 160 शाहेद-टाइप, जेरबेरा-टाइप और अन्य ड्रोन दागे गए, जिनमें से 90 शाहेद थे। ये चेर्निहिव, खार्किव और मिकोलाइव क्षेत्रों में 23 जगहों पर सिविलियन और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया। यूक्रेन ने 108 ड्रोन मार गिराए। 16-17 दिसंबर को 69 ड्रोन लॉन्च हुए, जो खार्किव, किव और ओडेसा पर गिरे। रोजाना 4-5 हजार कैमिकेज ड्रोन और 1.5-2 हजार एम्युनिशन ड्रॉप करने वाले ड्रोन इस्तेमाल हो रहे हैं। FPV ड्रोन और लैंसेट लॉयटरिंग म्यूनिशन का इस्तेमाल रेकी, फायर मिशन और स्ट्राइक के लिए हो रहा है। हेवी ग्लाइड बम हुल्याइपोले के पास इस्तेमाल हुए, और ऊर्जा प्लांट्स (70% थर्मल और 37% हाइड्रो) पर हमले से बिजली आपूर्ति बाधित हुई। क्लस्टर म्यूनिशन से रिपेयर क्रू को निशाना बनाया जा रहा है।
पुतिन की कब्जे की तैयारी? अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के आकलन के मुताबिक, पुतिन के युद्ध लक्ष्य अपरिवर्तित हैं – यूक्रेन पर पूर्ण नियंत्रण और पूर्व सोवियत साम्राज्य के हिस्सों को वापस हासिल करना। 19 दिसंबर के अपने डायरेक्ट लाइन कॉन्फ्रेंस में पुतिन ने पूर्ण युद्ध लक्ष्यों की पुनरावृत्ति की: यूक्रेन को लुहांस्क, डोनेस्क, जापोरिजिया और खेरसॉन से पीछे हटना, नाटो की महत्वाकांक्षाओं का त्याग, न्यूट्रल स्टेटस, डिमिलिटराइजेशन, डिनाजिफिकेशन, रूसी कब्जे की मान्यता और प्रतिबंध हटाना। उन्होंने दावा किया कि रूस की हालिया सफलताएं (जैसे सिवर्स्क और वॉवचांस्क पर कब्जा) किव को डील के लिए मजबूर करेंगी, लेकिन ये दावे अतिरंजित हैं। 2025 में रूस ने करीब 6,000 वर्ग किमी हासिल किया, लेकिन रणनीतिक ब्रेकथ्रू नहीं। पुतिन ने कहा कि सम्मानजनक व्यवहार पर यूक्रेन के बाद कोई और युद्ध नहीं होगा, लेकिन यूएस के 28-पॉइंट शांति प्लान को खारिज किया। यह दर्शाता है कि रूस कब्जे और लंबे नियंत्रण की तैयारी में है, न कि त्वरित शांति में – बफर जोन बनाने, जापोरिजिया पर विस्तार और ऐतिहासिक भूमि (ओडेसा, नोवोरोसिया) के दावों से। हालांकि, भारी नुकसान (3:1 अनुपात में यूक्रेन के पक्ष में) से गति धीमी है।
कुल मिलाकर, रूस हर मोर्चे पर दबाव डाल रहा है, लेकिन “हर फ्रंटलाइन पर आगे बढ़ी” का दावा अतिरंजित लगता है – प्रगति सीमित और महंगी है। पुतिन की रणनीति कब्जे की ओर इशारा करती है, लेकिन युद्ध लंबा खिंच सकता है।

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