उत्तराखंड के चमोली जिले के नंदानगर क्षेत्र में 17 सितंबर 2025 की रात को भारी बारिश के कारण बादल फटने की घटना ने भयानक तबाही मचा दी। कुंतरी लगाफाली वार्ड और धुर्मा गांव में मलबे की भारी धारा बहने से कम से कम 6 मकान पूरी तरह ढह गए, जबकि कई वाहन और संपत्ति नष्ट हो गई। विभिन्न रिपोर्ट्स के अनुसार, 7 से 10 लोग लापता बताए जा रहे हैं, हालांकि कुछ स्रोतों में संख्या 5 बताई गई है।
घटना का विवरण:
समय और जगह: रात करीब 2:30 बजे नंदानगर घाट क्षेत्र में बादल फटने से मोक नदी में बाढ़ आ गई, जिससे मलबा तेजी से बहा और घरों को निगल लिया।
नुकसान: 6 भवन मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई परिवार प्रभावित हुए हैं, और मलबे के नीचे दबे लोगों की तलाश जारी है।
लापता लोग: चमोली जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी के मुताबिक, 7 लोग लापता हैं, जिनमें से 2 को सुरक्षित बचा लिया गया है। कुछ रिपोर्ट्स में 10 लापता बताए गए हैं।
बचाव और राहत कार्य:
एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की टीमें मौके पर पहुंची हुई हैं। मेडिकल टीम के साथ 3 एम्बुलेंस भी तैनात की गई हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा नियंत्रण कक्ष पहुंचकर हालात का जायजा लिया और राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।
मौसम विभाग ने चमोली सहित कई जिलों (देहरादून, चंपावत, ऊधम सिंह नगर, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़) के लिए 20 सितंबर तक रेड अलर्ट जारी किया है। अगले कुछ दिनों में भारी बारिश की चेतावनी है, जो बचाव कार्यों को मुश्किल बना रही है।
सोशल मीडिया पर अपडेट्स:
X (पूर्व ट्विटर) पर कई यूजर्स ने घटना के वीडियो शेयर किए हैं, जिनमें मलबे में दबे घर और बहती नदी के दृश्य दिख रहे हैं। स्थानीय लोग तत्कालिक मदद की गुहार लगा रहे हैं।

