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घरेलू गैस के बाद अब यूपीआई ट्रांजैक्शन पर केंद्र सरकार का डाका?

जैसे घरेलू गैस सब्सिडी खत्म की ऐसे ही लग जाएगा ऑनलाइन ट्रांजैक्शन टैक्स!

चरण सिंह 
जब घरेलू गैस सिलेंडर पर केंद्र सरकार ने सब्सिडी हटाई तो पहले अपील की कि जो लोग सक्षम हैं वे सब्सिडी न लें। काफी लोगों ने सब्सिडी छोड़ दी। इन सबके बीच सरकार ने बिना कोई जानकारी दिए घरेलु गैस सिलेंडर पर सब्सिडी खत्म कर दी। जब कोई विरोध नहीं हुआ तो अब इक्का दुक्का लोगों को छोड़ दिया जाए तो घरेलु गैस सिलेंडर पर सब्सिडी खत्म कर दी गई है। लोग मोदी भक्ति में ऐसे दुबे कि उन्हें पता भी न चला कि उनकी रसोई पर कब डाका पड़ गया। सब्सिडी खत्म कर सरकार ने एक परिवार से कम से कम दो हजार रुपए सालाना छीन लिए। ऑन लाइन ट्रांजैक्शन पर भी यही होने वाला है। जिन छोटे व्यापारियों को यह टैक्स लगेगा वह जनता की खोपड़ी में से ही निकलने वाला है। व्यापारी उतना ही रेट बढ़ा देगा। ऐसे भी नहीं है कि व्यक्ति से व्यक्ति ट्रांजैक्शन में भी टैक्स लगने लगेगा। जैसी चुपके से आम आदमी की गैस सब्सिडी खत्म कर दी वैसे ही ऑन लाइन ट्रांजैक्शन पर भी चुपके से टैक्स लगना शुरू हो जाएगा।
दरअसल यदि आज छोटा से छोटा पेमेंट ऑनलाइन हो रहा है तो इसमें सबसे अधिक योगदान खुद पीएम मोदी का ही है। पीएम मोदी जब छोटा से छोटा पेमेंट ऑनलाइन करें की बात करते थे। ऐसा लगता था कि जैसे अब लोगों को कैश रखने की जरुरत नहीं होगी। बड़े स्तर पर ऐसा होने भी लगा था पर अब जब केंद्र सरकार ने 2000 रुपए से ऊपर ट्रान्जेक्शन प् 4 प्रतिशत टैक्स लगा दिया गया है तो खेल लोगों की समझ में आ रहा है। दरअसल केंद्र सरकार लोगों को परखती है की उसकी योजना का कितना विरोध हो रहा है। अब विरोध हुआ तो सरकार कुछ समय तक चुप हो जाएगी अचानक इसे लागु कर देगी। लोग लड़ते रहें सड़कों पर सरकार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

सरकार की ओर से कहा गया है कि आम जनता के सामान्य यूपीआई ट्रांजैक्शन पर कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है।  ₹2,000 तक के सभी लेनदेन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। नियम सामान्य यूजर्स: आम लोगों के बीच होने वाले (P2P) यूपीआई ट्रांसफर पर कोई चार्ज या टैक्स नहीं है। News18 हिंदी की रिपोर्ट के अनुसार, ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट (व्यापारिक) लेन-देन पर 0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) का प्रावधान चर्चा में है, जो कि द इकोनॉमिक टाइम्स के मुताबिक कोई सरकारी टैक्स नहीं है। बल्कि भुगतान तंत्र के लिए है ) अधिकतम सीमा (Cap): बड़े लेन-देन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 तक तय की गई है।

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