ओमान के शिनास बंदरगाह के पास जहाज एमटी जलवीर (MT Jalveer) भी हमले का शिकार हुआ है। रिपोर्टों के मुताबिक, इस जहाज पर 20 भारतीय नागरिक सवार हैं. MT जलवीर के इंजन में आग लगने की खबर है। MT जलवीर के क्रू ने जारी SOS मैसेज जारी किया है. सामने आई तस्वीरों में समुद्र के बीच शिप एमटी जलवीर को जलते हुए देखा जा सकता है। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद संबंधित अधिकारी हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
भारतीय दूतावास ने बयान जारी कर बताया है कि उन्हें गुरुवार (11 जून) को शिनास बंदरगाह के पास एक वेसल से संबंधित घटना की सूचना मिली है. मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। बयान के मुताबिक घटना के बारे में और जानकारी के लिए स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है. फिलहाल घटना के कारणों और संभावित प्रभावों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी शेयर नहीं की गई है।
ओमान तट के पास बुधवार को भी एक कमर्शियल जहाज पर हमला होने की बात सामने आई थी. इस जहाज पर कुल 28 लोग सवार थे. इनमें से 24 भारतीय थे। हमले के बाद से 3 भारतीय लापता बताए जा रहे हैं, जबकि 21 भारतीय नागरिकों को सफलतापूर्वक बचा लिया गया है. बता दें कि ये घटना 10 जून की है। भारत ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में लापता तीन भारतीयों में से 2 के शव मिलने की जानकारी भी सामने आ गई है।
सेटेबेलो शिप पर भी हुआ हमला
बता दें कि ये हमला सेटेबेलो नाम के जहाज पर किया गया था। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जहाज पर मौजूद 24 भारतीय क्रू सदस्यों में से अब तक 21 भारतीयों को बचा लिया गया. मंत्रालय ने कहा कि ओमान में भारतीय दूतावास स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है और बचाव अभियान में ओमान के अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहा है।
रॉयटर्स ने ब्रिटिश मैरीटाइम सिक्योरिटी ग्रुप एम्ब्रे के हवाले से बताया कि यह शायद ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी करने के लिए अमेरिकी ऑपरेशन का नतीजा है। पहले भी क्रू को चेतावनी दी गई है कि हमले की स्थिति में वे जहाज के पिछले हिस्से के बजाय अगले हिस्से पर एकजुट हों।
3 दिन में 3 जहाजों पर हमला
एमटी जलवीर पर हुए हमले से पहले ओमान में ही समुद्री तटों पर बीते 2 दिनों से हमले हो रहे हैं और ये लगातार तीसरे जहाज पर हमला है। बुधवार को भारत ने टैंकर सेटेबेलो पर हुए हमले की कड़ी आलोचना की थी। भारत ने इस मामले में अमेरिकी प्रभारी राजदूत जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय बुलाकर विरोध दर्ज कराया था।

